1. 5 लाख तक का ऑटो-सेटलमेंट
अब 5 लाख तक का दावा बिना किसी अप्रूवल के अपने आप सेटल हो जाएगा. सॉफ्टवेयर खुद-ब-खुद आपका डेटा चेक करेगा और पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा. पहले यह लिमिट सिर्फ 1 लाख से पहले आज फिर गिरे सोने-चांदी के भाव, 9 अप्रैल को 2,710 रुपये फिसली चांदी: जानें ताजा रे शादी सीजन से पहले आज हैं, लेकिन भारत में अभी भी राहत ह पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 128%पड़ोसी देशोंलेकिन अब नए सिस्टम के साथ क्लेम डालने के 3-4 दिनों में पैसा आपके खाते में आ जाएगा. इस बदलाव से पैसा प्राप्त करने में आपका समय कम हो जाएगा.
3. कागजी कार्यवाही खत्म
पहले क्लेम फॉर्म के साथ चेकी फोटो या बैंक पासबुक अपलोड करने की जरूरत पड़ती थी. EPFO 3.0 के साथ अगर आपका KYC (आधार, पैन और बैंक) अपडेटेड है तो सिस्टम अपने आप ही वेरिफाई कर लेगा. इस बदलाव से अब आपको कागजी कार्यवाही करने की जरूरत नहीं होगी.
4. कम रिजेक्शन
पहले पीएफ क्लेम छोटी-मोटी गलतियों की वजह से रिजेक्ट हो जाते थे, लेकिन EPFO 3.0 में एरर करेक्शन सिस्टम बेहतर है. फॉर्म भरते वक्त ही आपको बता दिया जाएगा कि कहीं कोई गलती है या नहीं. इस बदलाव से अब आपको गलती से रिजेक्शन का खराब अनुभव नहीं होगा.
