लेकिन ईरान क्यों हड़कंप मचा रहा है?
होर्मुज संकट के बीच ईरान को बड़ा झटका लगा है। भारतीय नौसेना ने ईरान की मंजूरी मिलने के बाद दो और जहाजों को भारत की ओर रवाना कर दिया है। ईरान के लिए यह एक बड़ा झटका है, जो भारत के लिए एक बड़ी जीत है।
भारतीय नौसेना का कमाल
भारतीय नौसेना ने ईरानी अधिकारियों से बातचीत करके दोनों जहाजों को रवाना कराया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, IRGC में फैसले लिए जाने में काफी देर हो रही है, और ईरान के सीनियर लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद प्रक्रिया और प्रभावित हुई है।
लेकिन भारत पर पड़े असर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारतीय कंपनियों को माल की ढुलाई में देरी से लेकर जरूरी कच्चे माल की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने रविवार को कहा कि वैश्विक व्यापार पर निर्भर कई क्षेत्रों में दबाव बढ़ रहा है।
भारतीय पोत पर अमेरिकी और रूसी जहाज पहुंचे
रविवार को न्यू मंगलौर बंदरगाह पर अमेरिका से LPG लेकर जहाज पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि ‘पिक्सिस पायनियर’ नामक यह जहाज 14 फरवरी को टेक्सास के ‘पोर्ट ऑफ नीदरलैंड’ से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 टन LPG लाई गई है।
PNG और CNG पर सरकार का फोकस
सरकार ने गैस वितरण को बेहतर करने और सप्लाई को लेकर आए दबाव को कम करने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। इसके तहत शहरों में पाइपलाइन गैस परियोजनाओं (CNG/PNG) के आवेदन तेजी से निपटाने और प्रमुख क्षेत्रों को वाणिज्यिक LPG की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने अपने कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे शहर गैस वितरण (CGD) के सभी आवेदन केवल 10 दिनों में निपटाएं। इसका मकसद पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की व्यवस्था को तेजी से शुरू करना है।
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