जवाबी हमलों से बचने के कई कारण
जब इसराइल ने ईरान के साउथ पार्स पर हमला किया तो जवाबी कार्रवाई में ईरान ने गुरुवार को क़तर के रास लाफ़ान ऊर्जा परिसर पर हमला किया. दोनों ही केंद्र दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस क्षेत्रों का हिस्सा हैं.
अब तक क़तर और अन्य खाड़ी देशों ने बार-बार निशाना बनाए जाने के बाद भी ईरान के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई नहीं की है. वे हमलों से क्यों बच रहे हैं और कौन सी बात उन्हें कार्रवाई के लिए मजबूर कर सकती है?
रणनीतिक सोच और सीमित फ़ायदे
अमेरिका के थिंक टैंक सेंटर फ़ॉर इंटरनेशनल पॉलिसी में सीनियर नॉन रेजिडेंट फ़ेलो सिना तूसी के अनुसार, उन्हें लगता है कि खाड़ी देशों के लिए जवाबी हमला कमज़ोरी से बड़े निशाने में बदल सकता है, क्योंकि उनके लिए पाने से कहीं ज़्यादा खोने के लिए बहुत कुछ दांव पर है.
उनके मुताबिक़, जवाबी हमले का मक़सद सीमित अवधि में ईरान को हमले रोकने के लिए मजबूर करना और लंबी अवधि में भविष्य के ईरानी हमलों के ख़िलाफ़ कुछ हद तक डिटरेंस पैदा करना होगा.
जोखिम और रणनीतिक सोच
हालांकि खाड़ी देशों में इसराइल के साथ खुद को जोड़ने को लेकर भी झिझक है, क्योंकि सोच यह है कि इसराइल ने अमेरिका को इस जंग में खींच लिया है. कई खाड़ी नेताओं के लिए इराक़ के साथ अमेरिका के नेतृत्व वाले जंग की विरासत आज भी इलाक़ाई सोच पर असर डालती है.
किंग्स कॉलेज लंदन के डिफ़ेंस स्टडीज़ डिपार्टमेंट में इंटरनेशनल सिक्युरिटी के लेक्चरर रॉब गीस्ट पिनफ़ोल्ड के अनुसार, खाड़ी देशों के लिए जवाबी हमला एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि यह साफ़ नहीं है कि खाड़ी देशों के हमले जंग को कितना प्रभावित करेंगे या रणनीतिक रूप से सही होंगे.
अमेरिका के थिंक टैंक सेंटर फ़ॉर इंटरनेशनल पॉलिसी में सीनियर नॉन रेजिडेंट फ़ेलो सिना तूसी के अनुसार, खाड़ी देशों के लिए जवाबी हमला एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि यह साफ़ नहीं है कि खाड़ी देशों के हमले जंग को कितना प्रभावित करेंगे या रणनीतिक रूप से सही होंगे.
इसलिए, खाड़ी देश अपनी रणनीतिक सोच को बनाए रखना चाहते हैं और जवाबी हमले से बचकर ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए मजबूर नहीं होना चाहते हैं.
जवाबी हमले के बारे में और जानें
इससे पहले कि आप खाड़ी देशों के जवाबी हमले के बारे में और जानें, यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जिन पर आपको विचार करना चाहिए:
1. खाड़ी देशों के लिए जवाबी हमला एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि यह साफ़ नहीं है कि खाड़ी देशों के हमले जंग को कितना प्रभावित करेंगे या रणनीतिक रूप से सही होंगे.
2. खाड़ी देशों के लिए जवाबी हमला एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि यह साफ़ नहीं है कि खाड़ी देशों के हमले जंग को कितना प्रभावित करेंगे या रणनीतिक रूप से सही होंगे.
3. खाड़ी देशों के लिए जवाबी हमला एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि यह साफ़ नहीं है कि खाड़ी देशों के हमले जंग को कितना प्रभावित करेंगे या रणनीतिक रूप से सही होंगे.
4. खाड़ी देश अपनी रणनीतिक सोच को बनाए रखना चाहते हैं और जवाबी हमले से बचकर ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए मजबूर नहीं होना चाहते हैं.
5. खाड़ी देश अपनी रणनीतिक सोच को बनाए रखना चाहते हैं और जवाबी हमले से बचकर ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए मजबूर नहीं होना चाहते हैं.
6. खाड़ी देश अपनी रणनीतिक सोच को बनाए रखना चाहते हैं और जवाबी हमले से बचकर ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए मजबूर नहीं होना चाहते हैं.
7. खाड़ी देश अपनी रणनीतिक सोच को बनाए रखना चाहते हैं और जवाबी हमले से बचकर ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए मजबूर नहीं होना चाहते हैं.
