ईरान वॉर के कारण तेल दाम बढ़ सकते हैं: अर्थव्यवस्था का बिगड़ना पूरी दुनिया पर असर डाल सकता है
दुनिया का लगभग 20% तेल सप्लाई इसी हॉर्मुज मार्ग से गुजरती है। यह मार्ग दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस रास्ते में रुकावट का मतलब है सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर। मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला कर रख दिया है।
मिडल ईस्ट में तनाव बढ़ने के कारण
ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी टकराव को करीब चार हफ्ते हो चुके हैं। तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही कुछ समय के लिए हमले टालने की बात कही हो, लेकिन जंग खत्म होने के कोई स्पष्ट संकेत अभी नजर नहीं आ रहे। इस टकराव के कारण कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक सवाल यह है कि ईरान वॉर के कारण तेल की कीमतें कितनी बढ़ सकती हैं। दूसरा, अगर इस तनाव के कारण सामान्य तेल स्प्लाई पर असर होता है, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं? एक और सवाल यह है कि अगर जंग अधिक समय तक चलता है, तो इसका क्या असर होगा।
तनाव बढ़ने से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?
इस बीच ईरान वॉर की दोनों ओर खड़े दुनिया के देशों को बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है। अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो दुनिया को सिर्फ महंगे तेल ही नहीं बल्कि एक बड़े आर्थिक झटके का भी सामना करना पड़ सकता है। यह झटका इतना बड़ा हो सकता है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर सालों तक रह सकता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों के अनुसार, आगे क्या होगा यह तीन बातों पर निर्भर करेगा। हॉर्मुज कब तक बंद रहता है, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को कितना नुकसान होता है, और सप्लाई चेन कितनी जल्दी सामान्य होती है। यदि इस मार्ग पर रुकावट लंबे समय तक रहती है, तो इसके कारण तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिख सकता है।
कच्चा तेल की कीमत
फिलहाल ब्रेंट क्रूड हाल के उच्च स्तर 119.50 डॉलर से गिरकर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर है, लेकिन इतिहास बताता है कि हालात बिगड़ने पर कीमतें कितनी तेजी से बढ़ सकती हैं। साल 2008 में यह 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी थी। अगर इस टकराव के कारण तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसके कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिख सकता है।
दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर
इस टकराव के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिख सकता है। यह टकराव इतना बड़ा हो सकता है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर सालों तक रह सकता है। इसके अलावा, अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसके कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिख सकता है।
ईरान वॉर के कारण तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और इसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिख सकता है। यह टकराव इतना बड़ा हो सकता है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर सालों तक रह सकता है। इसके अलावा, अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसके कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिख सकता है।
