मुंबई – स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “भारत और विशेष रूप से गुजरात हमारे साझा इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. सदियों पहले यहां के लोगों ने हमारे देश का खुशी-खुशी स्वागत किया था.” उन्होंने गुजरात के प्राचीन बंदरगाह लोथल का संदर्भ दिया, जो लगभग 4,000 वर्ष पूर्व सिंधु घाटी के शहरों को फारसी तट से जोड़ता था.
ईरान और भारत के बीच मजबूत संबंध
ईरान ने कहा, “इस अटूट बंधन को आधार बनाते हुए हम मित्रता और सहयोग के संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” अब तक एलपीजी के 6 जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं. इस रास्ते से दुनिया की कुल तेल जरूरतों का पांचवां हिस्सा पूरा होता है. लगभग 17 भारतीय जहाज होर्मुज के पश्चिम में फंसे हुए हैं.
होर्मुज स्ट्रेट को पांच देशों के लिए खोला
ईरान ने जहां एक ओर दुश्मन देश के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने से रोक दिया है, वहीं दूसरी ओर उसने इस गलियारे को पांच मित्र देशों भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान के लिए खोल दिया है. ईरान ने कहा है कि वह इजरायल के हमलों का जवाब देगा और उससे जुड़े किसी भी जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने नहीं देगा. इसके अलावा, ईरान ने इस होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की योजना को भी मंजूरी दे दी है.
पाकिस्तान के लिए चुनौती
ईरान के इस फैसले से पाकिस्तान के लिए चुनौती बढ़ गई है. पाकिस्तान ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान के इस फैसले से पाकिस्तान की स्थिति कमजोर हो गई है.
भारत के लिए राहत
भारत के लिए यह एक राहत भरी खबर है. भारत का सातवां एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ होर्मुज स्ट्रेट को पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है. इससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी.
ईरान और भारत के बीच सहयोग
ईरान और भारत के बीच सहयोग बढ़ रहा है. ईरान ने भारत को अपने देश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है. इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे.
ईरान और भारत के बीच संबंध मजबूत हो रहे हैं. ईरान ने भारत को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है, जिससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. इससे पाकिस्तान के लिए चुनौती बढ़ गई है. ईरान और भारत के बीच सहयोग बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे.
