न टैरिफ, न यूरेनियम भंडार, प्रतिबंधों से मिलेगी राहत: ट्रंप
ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान एक “सफल सत्ता परिवर्तन” के दौर से गुजर चुका है। उन्होंने दावा किया कि अब ईरान में यूरेनियम संवर्धन नहीं किया जाएगा और अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर भूमिगत परमाणु सामग्री को बाहर निकालने का काम करेगा।
टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत
ट्रंप ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत चल रही है और 15 में से कई बिंदुओं पर सहमति भी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र पर कड़ी सैटेलाइट निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
चीन की भूमिका
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन लगातार संघर्ष-विराम और बातचीत को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है और खाड़ी क्षेत्र समेत पूरे मिडिल ईस्ट में स्थिरता बहाल करने में “रचनात्मक भूमिका” निभाता रहेगा।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर चीन वास्तव में बातचीत को आगे बढ़ाने में सफल होता है, तो यह वैश्विक कूटनीति में उसकी भूमिका को और मजबूत कर सकता है और युद्ध को शांत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
सीजफायर और समझौते की दिशा
हालांकि, इस तरह के दावे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि एक तरफ हाल ही तक दोनों देशों के बीच तीखा सैन्य टकराव था, और दूसरी तरफ अब सहयोग और समझौते की बात सामने आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ही साफ होगा कि यह सीजफायर और समझौते की दिशा कितनी स्थायी साबित होती है।
वैश्विक प्रभाव
करीब 40 दिनों तक चली अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के बाद बुधवार की सुबह अगले दो हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान किया गया है। इसमें चीन का महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इससे एक तरफ जहां होर्मुज के खुलने पर वैश्विक ऊर्जा संकट खत्म होगा वहीं मिडिल ईस्ट में तनाव पर ब्रेक लग जाएगा।
