सीज़फायर के बीच भी इज़राइल के हमले जारी
अमेरिका‑ईरान के बीच दो हफ़्तों का सीज़फायर लागू होने के बावजूद, इज़राइल ने लेबनान पर लगातार हवाई हमले बोझिल किए। इज़राइली सुरक्षा बलों ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य हिज़्बुल्ला के मिलिट्री अवसंरचना को नष्ट करना है, परन्तु लेबनानी अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में कई नागरिक भी मारकर उठाए गए। लेबनान के इमाम सईद हसैन की मृत्यु भी इस हमले का एक शोकपूर्ण परिणाम है। इज़राइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था कि सीज़फायर में लेबनान को शामिल नहीं किया गया, परन्तु इस बयान के बाद भी हमलों की तेज़ी नहीं रकी।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी, समझौता रद्द करने की घोषणा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखते हुए कहा कि यदि इज़राइल लेबनान पर हमले रोकता नहीं है तो ईरान सीज़फायर समझौते को “रद्द” कर देगा। उन्होंने स्पष्ट किया, “ईरान‑अमेरिका युद्धविराम की शर्तें स्पष्ट हैं; या तो अमेरिका युद्धविराम को पूरी तरह अपनाए या इज़राइल के माध्यम से युद्ध जारी रखे। वह दोनों नहीं चुन सकता।” अराघची की इस बात को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने व्यापक रूप से रिपोर्ट किया।
हॉर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर रोक
लेबनान पर इज़राइल के हमलों के जवाब में ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों के गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया। फार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दो तेल टैंकरों को 8 अप्रैल सुबह इस जलमार्ग से गुजरने दिया गया, परंतु उसके बाद सभी अन्य जहाज़ों को रोक दिया गया। ईरानी नौसेना ने यदि बिना परमिशन के इस जलमार्ग से गुजरने का प्रयास किया तो “तबाह किया जाएगा” की धमकी दी।
हिज़्बुल्ला की प्रतिक्रिया और संभावित प्रतिउपाय
हिज़्बुल्ला ने भी सीज़फायर में लेबनान को शामिल न करने पर ईरान के साथ मिलकर “समझौता टूट सकता है” कहा। समूह ने कहा कि इज़राइल के हमले जारी रहने पर “जवाब दिया जाएगा”। इस बीच, इज़राइल के रक्षा मंत्री बर्नार्ड काट्ज़ ने वीडियो बयान में बताया कि इज़राइली मिलिट्री ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों हिज़्बुल्ला सदस्यों पर सरप्राइज स्ट्राइक किए हैं, जिसे उन्होंने “ऑपरेशन बीपर्स” के बाद सबसे बड़ा झटका बताया। बीपर्स 2024 का पेजर बम हमला था, जिसे इज़राइल ने हिज़्बुल्ला के खिलाफ अंजाम दिया था।
अमेरिका‑ईरान वार्ता का वर्तमान चरण
अमेरिका‑ईरान के बीच 14-दिन की वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने युद्धविराम समझौते पर “सहमत” दिखा, परन्तु इज़राइल के लेबनान पर लगातार हमले इस शांति प्रक्रिया को खतरे में डाल रहे हैं। एएनआई के अनुसार, इज़राइल की इस रणनीति का उद्देश्य हिज़्बुल्ला को कमजोर करना और इज़राइल‑अमेरिका गठजोड़ को मजबूती देना है, लेकिन इससे मध्य पूर्व में तनाव की नई लहर उठ रही है।
शिपिंग और समुद्री सुरक्षा पर प्रभाव
ब्रिटिश अखबार द गार्डियन ने बताया कि ईरानी नेवी ने हॉर्मुज स्ट्रेट में अनधिकृत जहाज़ों को “तबाह करने” की धमकी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। कई शिपिंग कंपनियों ने इस चेतावनी को गंभीरता से लिया है और सुरक्षित मार्गों की तलाश में हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि इस जलमार्ग को बंद किया गया तो विश्व तेल की आपूर्ति में गंभीर व्यवधान आ सकता है।
भविष्य की संभावनाएँ और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इज़राइल‑लेबनान के बीच चल रहे हमले और ईरान की कठोर प्रतिक्रिया को देखते हुए, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आपसी संवाद की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और कई मध्य पूर्वी देशों ने दोनों पक्षों से “हल्का करने” और “शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने” का आह्वान किया है। हालांकि, इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि यदि “ज़रूरत पड़ी तो फिर से युद्ध शुरू किया जा सकता है,” जिससे स्थिति में और भी अफ़़वाहें जुड़ी हैं।
