ट्रम्प का नया बयान क्या कहता है?
अमेरिका‑ईरान के बीच सीजफायर के बीच ट्रम्प ने “ट्रुथ” पर पोस्ट करके स्पष्ट किया कि सभी अमेरिकी जहाज़, विमान, सैन्यकर्मी और हथियार, जो ईरान को कमजोर करने के लिए आवश्यक हैं, ईरान और उसके आस‑पास तब तक तैनात रहेंगे जब तक दोनों पक्षों द्वारा समझौते का पूर्ण अनुपालन नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, “हमारे पास उन सभी साधनों की पूरी पहुंच है जो ईरान को तबाह करने के लिये ज़रूरी हैं।”
ट्रम्प ने किन शर्तों पर ज़ोर दिया?
ट्रम्प ने दो मुख्य शर्तें दोहराईं: पहला, ईरान को हॉर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह से खुला रखना होगा; दूसरा, सीजफायर के तहत वह कोई भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। इन शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में, वह “ऐसी शूटिंग शुरू करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी” का इशारा किया।
ऐसी बड़ी शूटिंग का क्या अर्थ हो सकता है?
ट्रम्प ने कहा, “अगर किसी भी कारण से यह अंतिम समझौता नहीं बनता, जिसकी संभावना बहुत कम है, तो ऐसी गोलीबारी शुरू होगी जो अभूतपूर्व होगी।” यह बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका संभावित बड़े पैमाने के तोपख़ाने की तैयारी कर रहा है, जिससे मध्य‑पूर्व में तनाव का स्तर और बढ़ सकता है।
मिडल‑ईस्ट में मौजूदा तनाव का विस्तार
सीजफायर के बावजूद, क्षेत्र में तनाव जारी है। तत्पश्चात इज़राइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें एक दिन में 254 लोगों की मौत और 1,165 से अधिक लोगों की चोटें आईं। इज़राइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सीजफायर समझौते में लेबनान को शामिल नहीं किया गया, जिससे ईरान‑इज़राइल संबंध और गंभीर हो गए।
ईरान की प्रतिक्रिया और संभावित सीजफायर रद्दीकरण
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्वीट किया कि यदि लेबनान पर इज़राइल के हमले रोके नहीं गए तो ईरान सीजफायर समझौते को रद्द कर देगा। उन्होंने कहा, “अमेरिका को या तो सीजफायर चुनना होगा या इज़राइल के माध्यम से युद्ध जारी रखना होगा, वह दोनों नहीं कर सकता।” यह बयान अमेरिकी‑ईरानी वार्ता के भविष्य को धुंधला कर रहा है।
अमेरिकी सैन्य तैनाती की वर्तमान स्थिति
ट्रम्प की घोषणा के अनुसार, अमेरिकी नौसेना और वायु सेना ने पहले से ही हॉर्मुज़ स्ट्रेट के आसपास कई डॉगर और फाइटर जेट तैनाते किए हैं। साथ ही, आयरन डिफेन्स सिस्टम में मौजूद अमेरिकी ड्रोन्स को लगातार निगरानी व निगरानी करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। इस जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना के पास लगभग 20 लड़ाकू जहाज़ और 30 फाइटर जेट तैनात हैं, जो “तत्काल कार्रवाई” के लिए तैयार हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
रूस और चीन दोनों ने इस बयान को “विचार‑संकट” कहा, जबकि यूरोपीय संघ ने इस समय सीमा में संवाद को जारी रखने और शांति को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र के दुनिया भर के प्रमुख प्रतिनिधियों ने कहा कि “अंतिम समझौते का उल्लंघन क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा सकता है और सभी पक्षों को बड़ी हानि पहुंचा सकता है।”
आगे क्या हो सकता है?
यदि ईरान हॉर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करके या परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाकर सीजफायर की शर्तों को तोड़ता है, तो ट्रम्प ने पहले ही इशारा किया है कि अमेरिका “पहले कभी नहीं देखी गई” गोलीबारी का ऑपरेशन शुरू करेगा। इस पर विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापक समुद्री प्रतिबंध, वायुमार्ग रुकावट और बड़े पैमाने पर एंटी‑एयरक्राफ्ट प्रणाली की तैनाती संभावित हो सकती है।
