आज 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत और कमर्शियल गैस का भाव क्या है?

ईरान में गहनतम संघर्ष के बाद भारत की LPG आपूर्ति पर गंभीर दबाव बना है। सरकार ने पिछले महीने घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतें बढ़ाकर स्थिर करने की कोशिश की, लेकिन रुकावटों के कारण कीमतों में फिर भी उतार-चढ़ाव देखा गया। अब 12 अप्रैल 2026 को विभिन्न शहरों में 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की वास्तविक दरें सामने आई हैं।

पढ़ने का समय: 3 मिनट

ईरान‑अमेरिका‑इज़राइल संघर्ष का प्रभाव और सप्लाई बाधाएँ

फ़रवरी में ईरान में अमेरिकी और इज़राइल के बीच युद्ध की शुरुआत के बाद, होर्मुज़ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में शिपिंग रुक गई। इस जलमार्ग से वह ऊर्जा शिपमेंट होकर भारत तक पहुंचती है, जिसके कारण भारत की LPG आयात में लगभग 60 % की कमी आई। भारत की कुल LPG जरूरत का आधा हिस्सा पश्चिमी एशियाई देशों से आयातित होता है, इसलिए इस शिपिंग बाधा का सीधा असर घरेलू बाजार में पड़ा। सरकार ने आपूर्ति में गिरावट के बावजूद कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की, लेकिन बाजार में अस्थिरता को देखते हुए उपभोक्ताओं को जल्दबाज़ी में बुकिंग से बचने की सलाह दी गई।

कीमतों में हालिया बदलाव और सरकारी निर्णय

मार्च 2026 में 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई, पर इसके बाद किसी और परिवर्तन नहीं हुआ, जिससे घरेलू LPG की कीमतें अधिकांश राज्यों में स्थिर रहीं। वहीं, 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत मार्च में 144 रुपये बढ़ाने के बाद, 1 अप्रैल को अतिरिक्त 200 रुपये तक बढ़ा दी गई। इस दोहरा इजाफा रेस्टोरेंट, कैंटीन और अन्य व्यावसायिक संस्थानों पर विशेष प्रभाव डाल रहा है, क्योंकि कमर्शियल गैस की लागत सीधे उनके संचालन खर्च में परिलक्षित होती है।

आज के शहरों में सिलेंडर की दरें

शहर 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर (₹) 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर (₹)
दिल्ली 913.0 2078.5
मुंबई 912.5 2031.0
कोलकाता 939.0 2208.5
चेन्नई 928.5 2246.5
बेंगलुरु 915.5 2161.0
अमृतसर 954.0 2185.0
गंगटोक 1065.5 2584.0
इम्फाल 1064.5 2552.5
जयपुर 916.5 2106.0

उपभोक्ताओं और व्यवसायियों के लिए सुझाव

सरकार ने लगातार कहा है कि ग्राहक बिना जरूरत के सिलेंडर बुकिंग से बचें और मौजूदा सिलेंडर को बचा कर रखें। विशेषकर रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायियों को कमर्शियल गैस के बढ़ते दाम को ध्यान में रखकर अपने मेन्यू प्राइसिंग या खर्च नियंत्रण का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। सामान्य उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि जब तक कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक गैस बचाने हेतु डब्बाबंद बर्नर या इको‑मोड का प्रयोग करें।

भविष्य में संभावित विकास और बाजार का दिशा‑निर्देश

यदि होर्मुज़ स्ट्रेट की शिपिंग बाधा लंबी अवधि तक जारी रहती है, तो भारत को वैकल्पिक आयात मार्गों या घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पड़ेगी। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मूल्य में उतार‑चढ़ाव और मौसमी मांग के साथ LPG की कीमतों में पुनः समायोजन संभव है। उपभोक्ताओं के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि कीमतों में कोई भी अचानक परिवर्तन सरकारी नीति और वैश्विक आपूर्ति स्थितियों के साथ जुड़ा होता है, इसलिए सूचित रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।

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