भारत में मातृ मृत्यु दर में ऐतिहासिक गिरावट: 2025 तक घटकर 87 पर पहुंची

भारत ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी मातृ मृत्यु दर (Maternal Mortality Rate - MMR) में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। Dainik Bhaskar की रिपोर्ट के अनुसार, 2014 में जो दर 130 प्रति एक लाख जीवित जन्म थी, वह 2025 में गिरकर मात्र 87 रह गई है, जो सरकारी स्वास्थ्य नीतियों की सफलता को दर्शाता है।

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मातृ मृत्यु दर में गिरावट: आंकड़ों का विश्लेषण

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़े भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में आए आमूलचूल परिवर्तन की गवाही दे रहे हैं। मातृ मृत्यु दर में यह कमी न केवल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विस्तार का परिणाम है, बल्कि यह देश में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ने का भी प्रमाण है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत ने न केवल संस्थागत प्रसवों (Institutional Deliveries) को बढ़ावा दिया है, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को भी सुनिश्चित किया है।

समय अवधि मातृ मृत्यु दर (प्रति 1 लाख जीवित जन्म)
वर्ष 2014 130
वर्ष 2025 87
कुल सुधार ~33% की कमी

संस्थागत प्रसवों की भूमिका और सरकारी प्रयास

मातृ मृत्यु दर में इस महत्वपूर्ण गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण संस्थागत प्रसवों में हुई भारी वृद्धि है। आज देश में 98% से अधिक प्रसव अस्पतालों या प्रमाणित चिकित्सा केंद्रों में हो रहे हैं, जिसने मातृ और नवजात शिशु स्वास्थ्य के परिणामों में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं।

सरकार द्वारा कार्यान्वित विभिन्न योजनाओं ने इस दिशा में सेतु का काम किया है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और जननी सुरक्षा योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को अस्पताल जाने के लिए प्रोत्साहित किया है। जब प्रसव एक प्रशिक्षित चिकित्सा पेशेवर की निगरानी में होता है, तो जटिलताओं का जोखिम न्यूनतम हो जाता है। 11 जून 2026 को सामने आए इन आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक नई ऊर्जा दी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की रणनीति और भविष्य की राह

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस सफलता के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं और एएनएम (ANM) कर्मियों के नेटवर्क को श्रेय दिया है। ये स्वास्थ्य योद्धा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण करने, उनकी नियमित जांच सुनिश्चित करने और उन्हें प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब ध्यान केवल मृत्यु दर कम करने पर ही नहीं, बल्कि प्रसव के बाद महिलाओं के स्वास्थ्य की गुणवत्ता सुधारने पर भी होगा। आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की तैयारी कर रहा है:

  • दूरदराज के इलाकों में मोबाइल हेल्थ यूनिट्स की संख्या बढ़ाना।
  • गर्भावस्था के दौरान पोषण संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान।
  • हाइ-रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों की जल्द से जल्द पहचान।
  • डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स के जरिए महिलाओं का बेहतर स्वास्थ्य ट्रैकिंग।

सामाजिक प्रभाव और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति

मातृ मृत्यु दर में आई यह गिरावट न केवल भारत के लिए एक सांख्यिकीय उपलब्धि है, बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) की ओर भारत की मजबूत प्रगति को भी दर्शाती है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों ने भारत की इस उपलब्धि को ‘सराहनीय’ बताया है। जब देश की आधी आबादी यानी महिलाएं सुरक्षित और स्वस्थ होती हैं, तो इसका सीधा सकारात्मक असर परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चे के विकास पर पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत इसी गति से अपने स्वास्थ्य सुधारों को जारी रखता है, तो अगले कुछ वर्षों में देश का स्वास्थ्य सूचकांक विश्व के विकसित देशों के समकक्ष हो सकता है। यह न केवल सरकार के संकल्प को दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सही नीतियों का सही क्रियान्वयन किस प्रकार लाखों माताओं की जान बचा सकता है। यह आंकड़ा उन सभी स्वास्थ्य कर्मियों के अथक प्रयासों का परिणाम है जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में इस मुकाम तक पहुंचाया है। 11 जून 2026 की यह रिपोर्ट निश्चित रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर मानी जाएगी।

Frequently Asked Questions

2025 में औसत मृत्यु दर क्या है?

2025 में औसत मृत्यु दर के बारे में सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मातृ मृत्यु दर में गिरावट के प्रयास जारी हैं। मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए विभिन्न देशों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के कारण मृत्यु दर में कमी आ रही है। मातृ मृत्यु दर में गिरावट के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और गर्भावस्था के दौरान देखभाल में वृद्धि महत्वपूर्ण है।

भारत की मातृ मृत्यु दर क्या है?

भारत में मातृ मृत्यु दर में गिरावट देखी गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए भारत सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू किया जा रहा है, जिससे मातृ मृत्यु दर में गिरावट आ रही है। मातृ मृत्यु दर में गिरावट के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और गर्भावस्था के दौरान देखभाल में वृद्धि महत्वपूर्ण है, जिससे मातृ मृत्यु दर को और कम किया जा सकता है।

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