G7 Summit और भारत की वैश्विक भूमिका
G7 (Group of Seven) दुनिया की सात सबसे बड़ी और विकसित अर्थव्यवस्थाओं का एक अनौपचारिक समूह है। यद्यपि भारत इस समूह का स्थायी सदस्य नहीं है, परंतु हाल के वर्षों में भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, वैश्विक कूटनीति में बढ़ते कद और रणनीतिक महत्व के कारण उसे विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में लगातार इस शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया जा रहा है। Evian में होने वाली यह बैठक वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेता एकजुट हो रहे हैं।
| तारीख (Date) | प्रमुख कार्यक्रम (Event/Activity) |
|---|---|
| 16 जून | प्रधानमंत्री Narendra Modi का Evian आगमन और विश्व नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत। |
| 17 जून | विभिन्न महत्वपूर्ण वैश्विक सत्रों में भागीदारी, बहुपक्षीय वार्ता और द्विपक्षीय बैठकें। |
शिखर सम्मेलन के मुख्य एजेंडे और चर्चा के विषय
इस वर्ष के G7 Summit में दुनिया के सामने मौजूद कई गंभीर संकटों और प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। शिखर सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन, आर्थिक सहयोग, सतत विकास और वैश्विक सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। पीएम Modi इन सत्रों में भारत की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू किए गए विशेष अभियानों और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश की प्रगति को साझा करेंगे। इसके अतिरिक्त, आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता और आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) को मजबूत बनाने पर भी भारत का कड़ा रुख देखने को मिलेगा।
G7 समूह में शामिल मुख्य सदस्य देश
G7 समूह में विश्व की अग्रणी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं, जो वैश्विक नीतियों और नियमों को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। इस समूह के सदस्य देशों में निम्नलिखित देश शामिल हैं:
- संयुक्त राज्य अमेरिका (United States)
- यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom)
- कनाडा (Canada)
- फ्रांस (France)
- जर्मनी (Germany)
- इटली (Italy)
- जापान (Japan)
Global South की आवाज को मजबूती देना
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी यात्रा से पहले इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत हमेशा से विकासशील और गरीब देशों, जिन्हें सामूहिक रूप से ‘Global South’ कहा जाता है, की आवाज को बुलंद करता रहा है। भारत का यह दृढ़ विश्वास है कि वैश्विक निर्णयों में उन देशों की भागीदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए जो आर्थिक मंदी और जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक दंश झेल रहे हैं। Evian में पीएम Modi इन देशों की खाद्य सुरक्षा, कर्ज के संकट और वित्तीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों को जी-7 देशों के सामने प्रभावी ढंग से उठाएंगे।
द्विपक्षीय बैठकें और भारत का कूटनीतिक प्रभाव
शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्रों के इतर, प्रधानमंत्री Modi फ्रांस के राष्ट्रपति और अन्य सहयोगी देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य भारत के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और वैश्विक संकटों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करना है। वैश्विक कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस शिखर सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि बहुपक्षीय मंचों पर भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक समस्याओं के समाधान में भारत की भूमिका अब अपरिहार्य हो चुकी है।
