पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नवजोत कौर सिद्धू ने ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ का किया ऐलान, कांग्रेस छोड़ने के बाद बड़ा कदम

पंजाब की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस से अलग होने के बाद, नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी' का औपचारिक ऐलान कर दिया है। 6 अप्रैल 2026 की देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से की गई इस घोषणा ने राज्य की सियासी हवा को गरमा दिया है। डॉ. सिद्धू ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी देश को समर्पित होगी और उनका लक्ष्य पंजाब में 'जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा' सरकार बनाना है।

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कांग्रेस से अलग होने के बाद नवजोत कौर का बड़ा फैसला

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की सियासत में एक महत्वपूर्ण तस्वीर सामने आई है। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा कर दी है। कांग्रेस से अपनी राहें जुदा करने के बाद यह नवजोत कौर सिद्धू का एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसने पंजाब में सियासी हलचल तेज कर दी है। उनकी इस घोषणा से राज्य के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आने की संभावना है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आगामी चुनावों को प्रभावित कर सकता है।

‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ का उद्देश्य और घोषणा

सोमवार, 6 अप्रैल 2026 की देर रात, डॉ. नवजोत सिद्धू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के जरिए इस बात की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ रखा है। अपने पोस्ट में डॉ. सिद्धू ने लिखा कि वह लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रही थीं जब वे अपनी पार्टी का ऐलान कर सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे राष्ट्रीय स्तर पर एक नए राजनीतिक विकल्प पर काम कर रही हैं और अपना पूरा जीवन अपने देश के लिए समर्पित करना चाहती हैं, इसी भावना के साथ इस नई पार्टी की स्थापना की गई है। उनका यह बयान भारत की राजनीतिक व्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ने की आकांक्षा को दर्शाता है।

क्षमता, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प पर जोर

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें उन्होंने पार्टी के मूलभूत सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा, ‘राजनीतिक नेताओं के वर्तमान प्रदर्शन मानकों की सावधानीपूर्वक निगरानी और समीक्षा करने के बाद, हम राष्ट्रीय स्तर पर एक नए विकल्प पर काम कर रहे हैं।’ डॉ. सिद्धू ने आगे कहा कि वे अपना जीवन अपने देश के लिए समर्पित करना चाहती हैं, ताकि जनता को वह सब कुछ वापस दे सकें जिसके वे हकदार हैं और जिसकी अपेक्षा वे नेताओं से करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान ने कुछ समान विचारधारा वाले व्यक्तियों को एक साथ लाया है, जिनमें प्रत्येक राज्य में न्याय, शांति प्रदान करने और प्रेम के माध्यम से उच्च चेतना की ऊर्जा से कार्य करने का साझा लक्ष्य है। उनका मानना है कि यह सब करने के लिए क्षमता, आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है, और यही वाहेगुरु जी भी उनसे चाहते हैं।

पंजाब को स्वर्णिम राज्य बनाने का विजन

अपनी बात को जारी रखते हुए, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने विशेष रूप से पंजाब के लिए अपनी दूरदर्शिता को साझा किया। उन्होंने लिखा, ‘हम पंजाब को उसके खोए हुए गौरव को पुनः प्राप्त करने में मदद करेंगे, एक स्वर्णिम राज्य के रूप में।’ उनके इस विजन में एक ऐसा राज्य शामिल है जहाँ लोग प्रेम, साझाकरण, न्याय, स्वतंत्रता के अधिकार और निस्वार्थ सेवा तथा आध्यात्मिक विकास के उद्देश्य से काम करने की शक्ति को समझते हैं। डॉ. सिद्धू ने कहा कि यह सब बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के अपने लक्ष्यों, मूल्यों और दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए होगा। उन्होंने ‘पंजाब की जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा सरकार’ के आदर्श पर जोर दिया, साथ ही सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने वाले आध्यात्मिक गुरुओं की सहायता से लोगों की ‘घायल आत्माओं को ठीक करने’ की बात कही, जिसे वे ‘वाहेगुरु जी की भाषा’ मानती हैं। यह दृष्टिकोण पंजाब के लोगों के भावनात्मक और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित है।

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