- ईरान की 2.05 बिलियन डॉलर की संपत्ति अमेरिका में फ्रीज है।
- कानूनी विवादों के कारण इस राशि को निकालना एक जटिल प्रक्रिया है।
- यह राशि ईरान के दैनिक सरकारी खर्च को केवल सात दिनों तक ही चला सकती है।
- देश में बढ़ती महंगाई और मुद्रा के अवमूल्यन से आर्थिक संकट और गहरा गया है।
अमेरिका में कितनी ईरानी संपत्ति है फ्रीज?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, ईरान की लगभग 1.97 बिलियन डॉलर की वित्तीय संपत्ति अमेरिकी बैंक खातों में फ्रीज की गई है। इन संस्थानों में न्यूयॉर्क सिटी बैंक जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस नेशनल रिसर्च सर्विस का अनुमान है कि ईरान की लगभग 50 मिलियन डॉलर की रियल एस्टेट संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है। इन दोनों को मिलाकर ईरान की कुल 2.05 बिलियन डॉलर की संपत्ति अमेरिका के नियंत्रण में है।
क्यों फंसा है यह पैसा? कानूनी पेंच समझिए
यह दो बिलियन डॉलर से अधिक की वित्तीय संपत्ति यूं ही नहीं रखी गई है। वास्तव में, यह एक लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवाद का केंद्र बिंदु है। इस मामले की सुनवाई और जांच अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) में चल रही है। यह मामला मालिकाना हक और मुआवजे से जुड़े जटिल दावों से संबंधित है। इन्हीं कानूनी अड़चनों की वजह से इन पैसों को तुरंत निकालना या ईरान को हस्तांतरित करना बेहद मुश्किल काम है।
फ्रीज हुए पैसों से कितने दिन चलेगा ईरान का खर्च?
इस रकम के वास्तविक मूल्य को समझने के लिए ईरान के दैनिक सरकारी खर्चों पर एक नजर डालना जरूरी है। हाल के अनुमानों के आधार पर, ईरान का वार्षिक सरकारी बजट लगभग 106 बिलियन डॉलर है। यदि इसे दैनिक खर्च में विभाजित किया जाए, तो यह आंकड़ा लगभग 290 मिलियन डॉलर प्रतिदिन आता है।
अगर ईरान को अपनी फ्रीज की गई पूरी 2.05 बिलियन डॉलर की रकम मिल भी जाती है, तो सामान्य परिस्थितियों में यह सरकार के कुल खर्च को मात्र 7 दिनों तक ही पूरा कर पाएगी। यदि केवल आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं और खर्चों को ही शामिल किया जाए, तो भी यह रकम मुश्किल से 13 दिनों तक चल सकती है।
महंगाई और आर्थिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
साल 2026 में ईरान के आर्थिक हालात काफी ज्यादा खराब हो चुके हैं। देश इस समय अत्यधिक महंगाई की मार झेल रहा है, जिसकी दर 62% से 68% के बीच बताई जा रही है। विशेष रूप से, खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 100% के करीब पहुंच चुकी है, जिसने आम नागरिकों के जीवन को बहुत कठिन बना दिया है।
सब्सिडी और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर बढ़ते सरकारी बोझ के कारण अब सरकार का रोजाना का खर्च भी बढ़कर 300 से 350 मिलियन डॉलर प्रतिदिन हो गया है। इन बढ़े हुए खर्चों को ध्यान में रखें तो फ्रीज हुए 2.05 बिलियन डॉलर अब सिर्फ 7 दिनों के लिए ही पर्याप्त होंगे। इसके अलावा, ईरानी मुद्रा (रियाल) के मूल्य में भी भारी गिरावट आई है, जिससे उसकी क्रय शक्ति में 30% से 40% तक की कमी आ गई है।
