बाब अल मंडेब एक महत्वपूर्ण रास्ता
बाब अल मंडेब एक ऐसा रास्ता है जो यूरोप और एशिया के बीच संचार को संभव बनाता है। यह रास्ता अधिकांश जहाजों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है जो मध्य पूर्व के देशों से अमेरिका और यूरोप के लिए जाते हैं।
ईरान का कदम दुनिया के कारोबार को प्रभावित करेगा
ईरान ने पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा त्राहिमाम करने लगा था। अगर वो अब बाब अल मंडेब को भी बंद कर दें तो पूरी दुनिया का कारोबार प्रभावित हो सकता है। दुनिया का करीब 12 से 15 फीसदी कारोबार इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
भारत का क्या होगा?
भारत के लिए इस स्थिति का अर्थ यह होगा कि दुनिया के साथ उसके कारोबार पर गहरा असर पड़ेगा। भारत का यूरोप-अमेरिका के साथ जितना भी कारोबार है, उसका रास्ता बाब अल मंडेब के रास्ते से ही है। अगर वो बंद होता है तो भारत को अपना कारोबार जारी रखने के लिए एक बड़ा विकल्प होगा – दक्षिण अफ्रीका के नीचे से केप ऑफ गुड होप के रास्ते से होकर जाना। लेकिन इस रास्ते से जाने से जहाजों की लागत बढ़ेगी और देश के निर्यात और आयात पर असर पड़ेगा।
भारत आने वाली चीजों की सप्लाई पर प्रभाव
अगर बाब अल मंडेब बंद होता है तो भारत में आने वाली कई चीजों की सप्लाई पर प्रभाव पड़ेगा। इनमें शामिल हैं इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, मोबाइल फ़ोन, सॉफ्टवेयर और गैस। भारत के लोगों को ये चीजें महंगी हो सकती हैं और निर्यात पर भी असर पड़ेगा।
बाब अल मंडेब को भी ईरान के नियंत्रण में ले जाने की खबर से भारत में लोगों की नींद टूट गई है। अगर ईरान ने वाके को बंद कर दिया तो दुनिया का कारोबार प्रभावित हो सकता है और भारत की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ेगा। भारत को अपना कारोबार जारी रखने के लिए एक बड़ा विकल्प होगा – दक्षिण अफ्रीका के नीचे से केप ऑफ गुड होप के रास्ते से होकर जाना। लेकिन इस रास्ते से जाने से जहाजों की लागत बढ़ेगी और देश के निर्यात और आयात पर असर पड़ेगा।
