क्या है पूरा मामला और विपक्ष की चिंताएं?
प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान उस समय आया है जब कांग्रेस सहित विपक्षी दल परिसीमन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साध रहे थे। विपक्ष का तर्क था कि 2026 के बाद होने वाले परिसीमन से उन दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है जिन्होंने जनसंख्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने हाल ही में कहा था कि यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है। उन्होंने आशंका जताई थी कि मौजूदा स्थिति के अनुसार, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की संसदीय सीटों की संख्या में कमी की जा सकती है, जो कि उनके अच्छे काम के लिए एक तरह की सजा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्टीकरण और आश्वासन
एनडीए की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने इन चिंताओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘ये झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि जनसंख्या नियंत्रण के कारण दक्षिण भारतीय राज्यों में सीटों की संख्या कम कर दी जाएगी, लेकिन यह पूरी तरह असत्य है।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी कि इन राज्यों की सीटें पूरी तरह से सुरक्षित रहें। प्रधानमंत्री ने केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा और तेलंगाना जैसे राज्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में सराहनीय काम किया है और उनकी जनसंख्या वृद्धि दर कम रहने के बावजूद उनकी लोकसभा की कोई भी सीट कम नहीं की जानी चाहिए।
महिला आरक्षण और सीटों में वृद्धि की योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है। इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संसद का सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह बजट सत्र गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को ही समाप्त होना था। इस विस्तारित सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि महिला आरक्षण को सही तरीके से लागू करने के लिए लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने सहित कई विधेयकों पर विचार होगा। इस विस्तार से यह सुनिश्चित होगा कि जनसंख्या नियंत्रण में सफलता के बावजूद दक्षिण भारतीय राज्यों की सीट संख्या में कोई कमी न हो।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 से संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है और उन्होंने सभी दलों से इस विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने अपनी सरकार के महिला सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हुए कहा, ‘एनडीए की नीतियों की सबसे बड़ी लाभार्थी महिलाएं हैं। महिला सशक्तीकरण और प्रतिनिधित्व हमारी प्राथमिकता हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान के लिए काम किया है। हमने हर घर में शौचालय बनवाए, जन धन खाते खुलवाए और महिलाओं के नाम पर मकान बनवाए।’
