खाड़ी देशों में युद्ध के चलते एलपीजी की दिक्कत
भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय मामलों को गहराई से प्रभावित कर दिया है। इसके अलावा, यह युद्ध भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल रहा है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां ऊर्जा की मांग सबसे अधिक होती है, जैसे कि उत्तर भारत। इस पूरे मामले के बीच, एलपीजी की आपूर्ति में समस्या उत्पन्न हो गई है। खाड़ी देशों से गुजरने वाली एलपीजी सप्लाई के कारण उपभोक्ताओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
गैस संकट के बीच एलपीजी की दिक्कत
गैस संकट के बीच खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी की दिक्कत बढ़ गई है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने पिछले नौ महीने में कोई सिलिंडर नहीं भरवाया है, उन्हें नए सिरे से केवाईसी करनी होगी। इसके बाद ही बुकिंग हो सकेगी। एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन आगरा संभाग के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने बताया कि बीते कई दिनों से खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। ऐसे में वह लोग भी सिलिंडर की बुकिंग कर रहे हैं, जिन्होंने पिछले नौ महीने में एक बार भी सिलेंडर नहीं लिया है। इन कनेक्शन की सेवाएं अभी बंद कर दी गईं हैं। इनको नए सिरे से केवाईसी करना होगा। इसके बाद ही इनको बुकिंग होगी।
पुराने कनेक्शन को चालू करने की प्रक्रिया में दिक्कत
एलपीजी संकट के कारण पुराने कनेक्शन को चालू करने की प्रक्रिया में दिक्कत हो रही है। इसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। युद्ध के कारण एलपीजी सप्लाई में नाटकीय रूप से कमी आई है। इसके अलावा, खाड़ी देशों से गुजरने वाली एलपीजी सप्लाई पर नियंत्रण के कारण भी समस्या उत्पन्न हो रही है।
पीएनजी धारकों को अपना एलपीजी कनेक्शन त्यागना होगा
इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन के जिला नोडल अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है। पीएनजी धारक को अपना एलपीजी कनेक्शन त्यागना होगा। वह अनावश्यक बुकिंग करके सर्वर पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं से अपील लेकर हुए कहा कि अनावश्यक बुकिंग न करें और एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर करें।
युद्ध के कारण एलपीजी की दिक्कत पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एलपीजी की दिक्कत के पीछे के कारणों को समझने के लिए भारतीय विश्वविद्यालय के ऊर्जा विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रशांत शर्मा ने कहा, “युद्ध के कारण एलपीजी सप्लाई में कमी आई है। इसके अलावा, खाड़ी देशों से गुजरने वाली एलपीजी सप्लाई पर नियंत्रण के कारण भी समस्या उत्पन्न हो रही है। हमारी सरकार को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
युद्ध के कारण एलपीजी की दिक्कत पर क्या कहते हैं व्यावसायिक पेशेवर?
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने कहा, “युद्ध के कारण एलपीजी की दिक्कत बढ़ गई है। हमारे पास एलपीजी की सप्लाई करने के लिए पर्याप्त स्रोत नहीं है। इसलिए, हमें सरकार से सहायता मांगनी पड़ेगी। हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालेगी।”
एलपीजी की दिक्कत के कारण उपभोक्ताओं को क्या समस्याएं हो रही हैं?
एलपीजी की दिक्कत के कारण उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो रही हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे एलपीजी की सिलिंडर को भरवाना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, उन्हें नए सिरे से केवाईसी करनी पड़ रही है, जिससे उनकी समय पर काम करने की क्षमता प्रभावित हो रही है।
समस्या का समाधान
एलपीजी संकट के समाधान के लिए सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार को एलपीजी की सप्लाई करने के लिए नये देशों से समझौता करना चाहिए। इसके अलावा, सरकार को एलपीजी की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सीमाओं पर एलपीजी स्टोरेज की व्यवस्था करनी चाहिए। सरकार को एलपीजी की दिक्कत से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान निकालने के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। हमें उम्मीद है कि विश्वास के साथ सरकार जल्द ही एलपीजी संकट का समाधान निकालेगी।
