अर्जेंटीना ने भारत को लप्रेजी की आपूर्ति में दोगुनी रफ्तार से बढ़ावा!

दुनिया में उथल-पुथल के दौरान, भारत के लिए अच्छी खबर आई है। अर्जेंटीना ने भारत को लप्रेजी की आपूर्ति में दोगुनी रफ्तार से बढ़ावा दिया है। यह फैसला मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुई कमी के बीच लिया गया है, जिससे भारत को लप्रेजी की कमी का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना ने भारत को 2026 की पहली तिमाही में 50,000 टन लप्रेजी भेजने का निर्णय लिया है, जो 2025 में भेजी गई 22,000 टन के मुकाबले दोगुनी से अधिक है।

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अर्जेंटीना ने भारत को 50,000 टन लप्रेजी भेजा

अर्जेंटीना ने भारत को लप्रेजी की आपूर्ति में दोगुनी रफ्तार से बढ़ावा दिया है। भारत को जनवरी 2026 में 39,000 टन लप्रेजी और 5 मार्च को 11,000 टन का एक और कार्गो भेजा गया है। इस तरह से, अर्जेंटीना ने 2025 में भेजी गई 22,000 टन के मुकाबले दोगुनी से अधिक लप्रेजी भेजी है। यह बढ़ती आपूर्ति लप्रेजी की मांग वाले भारतीय बाजार को पूरा करने के लिए उपयुक्त है, जहां पेट्रोलियम उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।

अर्जेंटीना के इस कदम को दुनिया भर में पेट्रोलियम निर्यातकों के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अर्जेंटीना ने अपने उत्पादन में वृद्धि की और साथ ही अपने निर्यात को भी बढ़ाया, जिससे भारत और अन्य देशों को बड़ी मात्रा में लप्रेजी उपलब्ध हो सके। इसने वैश्विक लप्रेजी बाजार में अर्जेंटीना की स्थिति को मजबूत बनाया है।

अर्जेंटीना का लप्रेजी उत्पादन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में अर्जेंटीना का प्राकृतिक गैस से चलने वाला लप्रेजी उत्पादन 259,000 टन रहा। 2024 में 2.6 मिलियन टन से बढ़कर 2025 में वार्षिक उत्पादन 2.63 मिलियन टन हो गया। खास बात ये है कि साल 2024 से पहले अर्जेंटीना से भारत को लप्रेजी की कोई शिपमेंट नहीं हुई थी। अर्जेंटीना ने अपने उत्पादन में वृद्धि की और साथ ही अपने निर्यात को भी बढ़ाया, जिससे भारत और अन्य देशों को बड़ी मात्रा में लप्रेजी उपलब्ध हो सके।

इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं, जिनमें से एक प्रमुख कारण है प्राकृतिक गैस की मांग में बढ़ती। अर्जेंटीना के क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार हैं, जो इसे दुनिया के प्रमुख प्राकृतिक गैस उत्पादकों में से एक बनाते हैं। यह बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निकली है।

अर्जेंटीना ने भारत के एलपीजी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब अर्जेंटीना भारत के एलपीजी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है। अर्जेंटीना 2026 में अपने बाहिया ब्लैंका प्रोसेसिंग प्लांट में एक नई नेचुरल गैस लिक्विड्स फ्रैक्शनेशन यूनिट शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे प्रोसेस्ड उत्पादन बढ़ेगा और अतिरिक्त मात्रा एक्सपोर्ट मार्केट के लिए तैयार होगी। इससे अर्जेंटीना को अपने उत्पादन को बढ़ाने का अवसर मिलेगा और साथ ही अपने निर्यात को भी बढ़ाया जा सकेगा।

इसके अलावा, अर्जेंटीना ने भारत के एलपीजी बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। अर्जेंटीना ने भारत में अपने प्रमुख एलपीजी उत्पादों की आपूर्ति शुरू करने की योजना बनाई है, जैसे कि डीजल और पेट्रोल। इससे भारत में अर्जेंटीना की स्थिति मजबूत होगी और साथ ही इसके कारोबार में भी वृद्धि होगी।

भारत और अर्जेंटीना के बीच कितना कारोबार?

अर्जेंटीना, दक्षिण अमेरिका में भारत के लिए एक प्रमुख आर्थिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच द्विपक्षीय व्यापार 36.77% बढ़कर $6.34 बिलियन हो गया। भारत, अर्जेंटीना का पाँचवाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन है।

इस बढ़ती द्विपक्षीय व्यापार के पीछे कई कारण हैं, जिनमें से एक प्रमुख कारण है अर्जेंटीना के प्राकृतिक संसाधनों की मांग में बढ़ती। भारत अपनी विकास गतिविधियों के लिए अधिक प्राकृतिक संसाधनों की आवश्यकता है, और अर्जेंटीना से इसकी आपूर्ति को बढ़ाना है। इससे दोनों देशों के कारोबार में वृद्धि होगी और साथ ही इसके आर्थिक संबंध भी मजबूत होंगे।

इस विस्तारित लेख में, हमने देखा है कि अर्जेंटीना ने भारत को 50,000 टन लप्रेजी भेजा है। इसके साथ ही, हमने देखा है कि अर्जेंटीना ने अपने लप्रेजी उत्पादन में वृद्धि की और साथ ही अपने निर्यात को भी बढ़ाया। इसके अलावा, हमने देखा है कि अर्जेंटीना भारत के एलपीजी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है। अंत में, हमने देखा है कि भारत और अर्जेंटीना के बीच कितना कारोबार हुआ है और आगे भी विकसित हो रहा है।

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