देश में LPG आपूर्ति की वर्तमान स्थिति
पेट्रोलियम मंत्रालय देश में गैस, पेट्रोल और रसायन क्षेत्र की आपूर्ति और मांग की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। हालिया जानकारी के मुताबिक, देश भर में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सघन प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, एक ही दिन के भीतर 58 लाख से भी अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया है, जो कि आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आंकड़ा लाखों परिवारों तक एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करता है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
वाणिज्यिक LPG उपलब्धता और उत्पादन में वृद्धि
घरेलू आपूर्ति के साथ-साथ, वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय के अनुसार, वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे बाजार में स्थिरता और राहत देखने को मिल रही है। एक दिन में करीब 6700 टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई, जो कि लगभग 3.5 लाख सिलेंडरों के बराबर है। इसके अतिरिक्त, 5 किलोग्राम वाले लगभग 1.06 लाख एलपीजी सिलेंडर भी बेचे गए हैं, जो छोटे व्यवसायों और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने में सहायक हैं। देश में एलपीजी का दैनिक उत्पादन भी 48,000 टन तक पहुंच गया है, जो स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता को दर्शाता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से LPG जहाज ‘आशा’ का आगमन
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक बड़ी राहत के रूप में, एलपीजी लेकर आ रहा जहाज ‘आशा’ 5 अप्रैल, 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग है, और इस मार्ग से जहाज का सुरक्षित निकलना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस घटनाक्रम से देश में एलपीजी की आपूर्ति में और अधिक सुधार आने की उम्मीद है, जिससे उपभोक्ताओं को भविष्य में किसी भी संभावित कमी से राहत मिल सकेगी।
रसायन और उर्वरक क्षेत्र पर वैश्विक प्रभाव
हालांकि, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं का केमिकल और फर्टिलाइजर सेक्टर पर भी प्रभाव पड़ा है। इस प्रभाव के कारण कुछ दवाओं के कच्चे माल की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। इसके बावजूद, पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों के चलते दवाओं की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ा है। यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें स्थिर बनी रहें।
विदेश मंत्रालय की महत्वपूर्ण घोषणाएं
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हॉर्मुज पर टोल शुल्क के संबंध में भारत और ईरान के बीच अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि भारत कई वर्षों से बांग्लादेश को ऊर्जा उत्पाद प्रदान कर रहा है, जो क्षेत्रीय सहयोग का एक उदाहरण है। ईरान में वर्तमान में लगभग 7500 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। मंत्रालय ने उन्हें सलाह दी है कि वर्तमान में शांति और युद्धविराम की स्थिति को देखते हुए, वे सुरक्षित माहौल में आर्मेनिया या अजरबैजान के रास्ते भारत लौट सकते हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री से संबंधित किसी भी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
