गरीबों के लिए व्यापक संघर्ष: कांग्रेस सांसद का जोरदार हमला

कांग्रेस सांसद डॉ. किरसन नामदेव जी ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 पर विरोध जताया और गरीबों के खिलाफ जीएसटी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीबों से वसूले जाने वाले जीएसटी की दरें और भी बढ़ाई जाएंगी, जबकि अमीरों की जिम्मेदारी में कमी आएगी।

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केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का सवाल

भारत में आर्थिक असमानता की दिशा में बढ़ती हुई बेरोजगारी, गरीबी और बढ़ती हुई महंगाई के बीच, कांग्रेस सांसद डॉ. किरसन नामदेव जी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर गहरे सवाल खड़े किए हैं। वह कहते हैं कि देश की 1% आबादी के पास 40% संपत्ति है, जबकि सबसे गरीब 50% के पास 3 से 6% संपत्ति है। यह बात उन्होंने संसद में एक बिल के विरोध में कही है, जिस पर उन्होंने तर्क दिया है कि यह गरीबों को और भी गरीब बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

बेरोजगारी और गरीबी पर भी नहीं सोचने की कसमखोरी

डॉ. किरसन नामदेव जी ने साफ तौर पर कहा है कि इस बिल में बढ़ती हुई बेरोजगारी और महंगाई के लिए कोई उपाय योजना नहीं बताई गई है। उन्होंने कहा कि गरीबों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। यह बात उन्होंने तब कही है, जब भारत में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक है, और गरीबी की दर भी बढ़ रही है।

टैक्स प्रणाली में भी गड़बड़ी

डॉ. किरसन नामदेव जी ने कहा है कि हमारी टैक्स प्रणाली ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सबसे गरीब 50% लोगों से 64% जीएसटी वसूला जा रहा है, जबकि 10% अमीरों से सिर्फ 4% जीएसटी वसूला जा रहा है। यह बात उन्होंने यह भी कहा है कि यह टैक्स प्रणाली गरीबों को और भी गरीब बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है।

किसानों को भी नहीं बख्शा जाता

डॉ. किरसन नामदेव जी ने कहा है कि किसानों की खेती की लागत तो बढ़ गई है, लेकिन उनके न्यूनतम समर्थन मूल्य में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों को भी गरibi से उबरने के लिए कोई मदद नहीं की जा रही है। यह बात उन्होंने यह भी कही है कि किसानों को भी गरीबी से निकलने के लिए कोई तरीका नहीं दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का परिणाम

डॉ. किरसन नामदेव जी के अनुसार, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का परिणाम यह होगा कि गरीबों की आर्थिक स्थिति और भी खराब होगी। उन्होंने कहा है कि बेरोजगारी और महंगाई की दरें और भी बढ़ेंगी, और गरीबी की दर भी बढ़ जाएगी। यह बात उन्होंने यह भी कही है कि किसानों की स्थिति भी खराब होगी, और वे भी गरीबी से जूझेंगे।

विविधता और समानता

डॉ. किरसन नामदेव जी ने कहा है कि भारत में एक नए भारत की आवश्यकता है, जहां गरीबों और अमीरों के बीच समानता और विविधता का सम्मान हो। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों में गरीबों और किसानों के हितों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार को गरीबों और किसानों को गरibi से उबरने के लिए कोई मदद नहीं देनी चाहिए।

डॉ. किरसन नामदेव जी ने कहा है कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि गरीबों और किसानों के हितों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार को गरीबों और किसानों को गरीबी से उबरने के लिए कोई मदद नहीं देनी चाहिए।

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