बांग्लादेश में कितने दिनों का तेल बचा है?

मध्य-पूर्व में युद्ध की वजह से बांग्लादेश में ईंधन की किल्लत को लेकर चिंता बढ़ रही है. सरकार का दावा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन पेट्रोल पंपों के सामने लगने वाली कतारें और ग्राहकों व विक्रेताओं के बीच होने वाले वाद-विवाद इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं.

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बांग्लादेश में तेल का भंडार

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के आंकड़ों के अनुसार, देश में हर साल 65 से 68 लाख टन तेल का आयात किया जाता है, जिसमें डीजल और कच्चे तेल की मात्रा ज्यादा होती है. इसके अलावा, थोड़ी मात्रा में ऑक्टेन का भी आयात किया जाता है, लेकिन देश में इसकी मांग का बड़ा हिस्सा स्थानीय रूप से पूरा किया जाता है.

तेल की मांग और आयात

बांग्लादेश की भंडारण क्षमता को देखते हुए, पूरे साल की मांग के अनुसार ईंधन का स्टॉक जमा रखना संभव नहीं है. मांग के अनुरूप विदेशों से आयात किया जाता है और जब तक अगली खेप नहीं आती, तब तक यह सिलसिला जारी रहता है.

बांग्लादेश में वर्तमान में एक लाख 28 हजार 939 मीट्रिक टन डीजल का भंडार है, जो लगभग 11 दिनों तक चलेगा. इसके अलावा, सात हजार 940 मीट्रिक टन ऑक्टेन, 11 हजार 431 मीट्रिक टन पेट्रोल और 44 हजार 609 मीट्रिक टन जेट फ्यूल मौजूद हैं.

सरकार के दावे

बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय के प्रवक्ता और संयुक्त सचिव मनीर हुसैन चौधरी ने बताया कि सरकार फिलहाल मासिक मांग पूरी करने पर जोर दे रही है और अप्रैल में भी पिछले साल की तरह ही ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी.

चौधरी का दावा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सरकार आवश्यकतानुसार आयात जारी रखेगी. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व में युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर ईंधन का संकट गहरा सकता है, जिसका असर बांग्लादेश पर भी पड़ सकता है.

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