भारत‑बांग्लादेशीय विदेश मंत्री की दिल्ली यात्रा
डॉ. खलीलुर रहमान ने 7 अप्रैल सुबह नई दिल्ली पहुंच कर विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा कई वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ कई बैठकों में भाग लिया। इन मुलाकातों में भारत‑बांग्लादेश के रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए व्यापार, रेल‑मार्ग कनेक्टिविटी, गंगा‑धान्य जल‑बंटवारा, और वीज़ा सुविधा जैसे मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। रहमान ने बताया कि दोनों देशों की साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए “हर संभव पहल” की जाएगी।
दुबारा उजागर किया निजी बंधन: मोदी‑रहमान पत्रव्यवहार
बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेशी प्रधानमंत्री‑उम्मीदवार तारिक रहमान के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भी गहरा संबंध है। उन्होंने बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री‑उम्मीदवार तारिक रहमान ने एक‑दूसरे को पत्र लिखे हैं और नियमित रूप से बातचीत करते रहे हैं। दोनों के बीच का यह निजी जुड़ाव दोनो देशों के राजनयिक बंधनों को और सुदृढ़ करेगा।” इस बात को उन्होंने संवाददाता संग बात करते हुए दोहराया।
भारत‑ढाका के संबंधों को विशेष महत्व
रहमान ने कहा, “दिल्ली‑ढाका के रिश्ते हमेशा से ही हमारे दोनो देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। यह सिर्फ आर्थिक या भौगोलिक कारणों से नहीं, बल्कि हमारे नेताओं के बीच के निजी संबंधों से भी सुदृढ़ होता है।” उन्होंने इस पर ज़ोर दिया कि “जब दोनो देशों के प्रधानियों ने व्यक्तिगत स्तर पर आपसी समझ बढ़ाई, तब दोनों देशों के बीच सहयोग के हर क्षेत्र में प्रगति संभव हो गई है।”
तारिक रहमान के भारत दौरे की संभावनाएँ
डॉ. रहमान ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री‑उम्मीदवार तारिक रहमान के भारत आने की योजना सक्रिय रूप से तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमें इस बात की पुष्टि हुई है कि जल्द ही उनका भारत दौरा तय हो सकता है, लेकिन अभी तक कोई निश्चित तिथि तय नहीं हुई है।” उन्होंने इस आशा को भी जताया कि “जैसे ही परिस्थितियाँ अनुकूल हों, प्रधानमंत्री रहमान नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं और दोनो देशों के बंधन को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं।”
पिछले दो वर्षों में संबंधों की प्रगति
बांग्लादेश‑भारत संबंधों में पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय सुधार दिख रहा है। फरवरी 2024 में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के उच्चस्तरीय संपर्क में तीव्र वृद्धि हुई। शेख हासीना के हटने और मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान भारत‑विरोधी रुख अपनाने के बाद, रिश्ते में कड़वाहट आई थी। लेकिन रहमान के नेतृत्व में नई सरकार ने दोनो देशों के बीच संवाद को फिर से जीवंत किया है। अब व्यापार, जल‑साझेदारी और कनेक्टिविटी क्षेत्रों में कई समझौते फिर से शुरू किए जा रहे हैं।
आगामी कदम और आशाएँ
डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि आगामी हफ्तों में दोनों देशों की सरकारें “आर्थिक सहयोग, जल‑सुरक्षा और यात्रा सुविधा” के क्षेत्रों में नई पहलें शुरू करने की दिशा में काम जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि “भविष्य में हमें दोनो देशों के बीच अधिक बार सम्मानजनक संवाद और उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित करनी चाहिए, जिससे व्यापारिक आँकड़े और लोगों के बीच संपर्क और बेहतर हो सके।”
