कुंडली में शादी का राज खुलेगा, विवाह योग के 10 सुरक्षित संकेत?

ज्योतिष में कुंडली का सातवां भाव विवाह और जीवनसाथी का मुख्य स्थान है। यदि इस भाव में शुभ ग्रह बैठे हों, तो विवाह के प्रबल योग बनते हैं। यहां जानें कुंडली में विवाह रहस्य और विवाह योग के 10 संकेत

पढ़ने का समय: 2 मिनट

कुंडली में विवाह रहस्य

  1. सातवां भाव का महत्व: कुंडली का सातवां भाव विवाह और जीवनसाथी का मुख्य स्थान है। यदि इस भाव में शुभ ग्रह बैठे हों, तो विवाह के प्रबल योग बनते हैं।
  2. सप्तमेश का स्थान: जन्म कुंडली के सातवें भाव के स्वामी यानी सप्तमेश का केंद्र (1, 4, 7, 10) या त्रिकोण (1, 5, 9) भावों में होने पर विवाह होने का सकारात्मक संकेत होता है।
  3. गुरु की भूमिका: गुरु ग्रह विवाह और दाम्पत्य जीवन के लिए प्रमुख है। यदि गुरु सातवें भाव में हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।
  4. शुक्र का योग: शुक्र ग्रह विवाह और सौंदर्य के लिए प्रमुख है। यदि शुक्र सातवें भाव में हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।
  5. द्वादश भाव का स्थान: जन्म कुंडली का द्वादश भाव विवाह और जीवनसाथी के बंधन को प्रभावित करता है। यदि द्वादश भाव में शुभ ग्रह बैठे हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।

विवाह योग के 10 सुरक्षित संकेत

  1. शुभ ग्रहों का योग: यदि सातवें भाव में शुभ ग्रह बैठे हों तो विवाह के प्रबल योग बनते हैं।
  2. सप्तमेश की मजबूती: यदि सप्तमेश केंद्र (1, 4, 7, 10) या त्रिकोण (1, 5, 9) भावों में हों तो विवाह होने का सकारात्मक संकेत होता है।
  3. गुरु की मार्गदर्शन: यदि गुरु सातवें भाव में हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।
  4. शुक्र का सौंदर्य: यदि शुक्र सातवें भाव में हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।
  5. द्वादश भाव की शुभता: यदि द्वादश भाव में शुभ ग्रह बैठे हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।
  6. सातवें भाव की मजबूती: यदि सातवें भाव में शुभ ग्रह बैठे हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।
  7. सप्तमेश की केंद्र भाव में होना: यदि सप्तमेश केंद्र (1, 4, 7, 10) भावों में हों तो विवाह होने का सकारात्मक संकेत होता है।
  8. त्रिकोण भाव में सप्तमेश: यदि सप्तमेश त्रिकोण (1, 5, 9) भावों में हों तो विवाह होने का सकारात्मक संकेत होता है।
  9. गुरु का सातवें भाव में होना: यदि गुरु सातवें भाव में हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।
  10. शुक्र का सातवें भाव में होना: यदि शुक्र सातवें भाव में हों तो विवाह के लिए सकारात्मक संकेत होते हैं।

इन सुरक्षित संकेतों को समझने से आप अपनी कुंडली में विवाह के योगों को समझ सकते हैं और अपने भविष्य को आकार दे सकते हैं।

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