पाकिस्तान में ऊर्जा संकट की कारणशीलता
पाकिस्तान के पास LNG की सप्लाई 2 मार्च से ही बंद हो गई है, क्योंकि कतर से LNG आयात ठप हो गया है। अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LNG निर्यातक कतर है। प्यार से लेकर प्रमोशन तक के लिए ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के पास मौजूदा ईंधन भंडार भी खतरे में हैं। पेट्रोलियम सचिव मिर्जा नसीर-उद-दीन अहमद ने सीनेट की पेट्रोलियम कमिटी को देश के मौजूदा स्टॉक की जानकारी दी है।
पाकिस्तान के पास मौजूदा ईंधन भंडार
पेट्रोल: 27 दिनों का भंडार
डीजल: 21 दिनों का भंडार
कच्चा तेल: 11 दिनों का भंडार
LPG: 9 दिनों का भंडार
JP-1 (विमानन ईंधन): 14 दिनों का भंडार
पाकिस्तान को क्या विकल्प?
पाकिस्तान अजरबैजान से स्पॉट मार्केट से LNG खरीदने पर विचार कर रहा है। लेकिन यह सौदा 24 डॉलर प्रति यूनिट पड़ेगा, जबकि कतर के साथ कॉन्ट्रैक्ट के तहत यह केवल 9 डॉलर प्रति यूनिट है। इससे बिजली उत्पादन काफी महंगा हो जाएगा।
पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के बढ़ने के कारण पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 55 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) के अनुसार, 7 मार्च से अब तक डीजल की कीमतों में लगभग 100% और पेट्रोल की कीमतों में लगभग 70% की वृद्धि हुई है।
पाकिस्तान का दूसरा विकल्प
पाकिस्तान के पास एक और विकल्प है कि वह अस्थायी रूप से यूरो-5 (Euro-5) मानक से कम गुणवत्ता वाले तेल के आयात पर विचार करे। लेकिन इससे देश के पेट्रोलियम क्षेत्र को नुकसान हो सकता है।
