होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नई रणनीति
ईरान के सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए एक बयान में मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट रूप से कहा, ‘[ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य](https://navbharattimes.indiatimes.com/world/uae/iran-says-negotiations-remain-suspended-until-israel-stops-attack-negotiating-team-islamabad-false/articleshow/130157861.cms) के प्रबंधन में एक नए चरण में प्रवेश करेगा।’ इस बयान के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा मतलब यह हो सकता है कि ईरान अब होर्मुज को और अधिक व्यवस्थित तरीके से ज्यादा प्रतिबंधात्मक बनाने की योजना बना रहा है। मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने के बाद से यह जलडमरूमध्य पहले से ही कई मुश्किलों का सामना कर रहा है।
आपको बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद पूरी दुनिया, विशेषकर एशियाई देशों को अच्छी तरह से समझ आ गई है। अब ईरान इसी डर को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है, ताकि अपने हितों को साध सके।
‘युद्ध नहीं चाहते, पर बदला लेंगे’
मोजतबा खामेनेई के बयान में आगे कहा गया, “ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपने अधिकारों को भी नहीं छोड़ेगा और सभी प्रतिरोध मोर्चों को एक एकीकृत इकाई मानता है।” इसके साथ ही उन्होंने इस बात को फिर से दोहराया कि ‘तेहरान इस युद्ध का निश्चित विजेता है।’
इसके अलावा, मोजतबा ने यह भी साफ कर दिया कि जवाबी कार्रवाई ईरान की रणनीति का एक मुख्य बिंदु बनी हुई है। उन्होंने इसे अमेरिका के सहयोगी देशों को हुए नुकसान से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, “ईरान अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और अपने शहीदों का बदला लेने के लिए दृढ़ है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरان इस पूरे संघर्ष को रणनीतिक और प्रतीकात्मक, दोनों ही दृष्टिकोण से देखता है। गौरतलब है कि ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के 40 दिन पूरे होने पर शोक मनाया जा रहा है और इसी पृष्ठभूमि में यह बयान जारी किया गया है।
