बढ़े ऊर्जा बिलों से UK PM कीर स्टार्मर परेशान: “ट्रंप और पुतिन से तंग आ चुका हूं!

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने देश में लगातार बढ़ते ऊर्जा बिलों पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों को इन उतार-चढ़ाव वाले ऊर्जा दामों का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे इन वैश्विक नेताओं से "तंग आ चुके हैं"। स्टार्मर का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है, जिसका सीधा असर ब्रिटेन के आम नागरिकों पर पड़ रहा है।

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की नाराजगी और वैश्विक नेता

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने हाल ही में ITV को दिए एक विशेष इंटरव्यू में देश में बढ़ती ऊर्जा लागतों पर अपनी चिंता और निराशा को खुलकर जाहिर किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन जैसे विश्व नेताओं की ऐसी नीतियों से बेहद परेशान हैं, जिनके कारण ऊर्जा के दामों में बार-बार अप्रत्याशित बदलाव आते हैं। उनके अनुसार, इन वैश्विक फैसलों का सीधा और नकारात्मक प्रभाव ब्रिटेन के हर घर और व्यवसाय पर पड़ रहा है, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।

ऊर्जा बिलों में उतार-चढ़ाव की जड़ें

स्टार्मर ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटेन में परिवार और छोटे-बड़े व्यवसाय दोनों ही लगातार बढ़ते-घटते ऊर्जा बिलों से जूझ रहे हैं। यह स्थिति उनकी आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर रही है और भविष्य की योजनाएं बनाने में बाधा डाल रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि ये उतार-चढ़ाव केवल घरेलू कारणों से नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति और बड़े नेताओं द्वारा लिए गए निर्णयों का सीधा परिणाम हैं। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर इन बाहरी कारकों का गहरा असर पड़ रहा है, जिससे महंगाई दर बढ़ रही है और लोगों की क्रय शक्ति घट रही है।

ईरान संकट, रूस-यूक्रेन युद्ध का गहरा असर

प्रधानमंत्री स्टार्मर का यह बयान ऐसे नाजुक समय में आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। इस तनाव ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में जबरदस्त उछाल ला दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि, क्षेत्र में दो सप्ताह का एक अस्थायी और नाजुक युद्धविराम लागू है, फिर भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। इसके साथ ही, स्टार्मर ने 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले की भी याद दिलाई, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा था। इस युद्ध के कारण लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और इसने ऊर्जा बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी, जिसका असर आज भी दुनिया भर में महसूस किया जा रहा है।

ट्रंप की नीतियों का बचाव और इजरायल पर आपत्ति

जहां एक ओर स्टार्मर ने वैश्विक नेताओं की नीतियों की आलोचना की, वहीं व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों का बचाव किया। केली ने बताया कि कई देशों ने ईरान के परमाणु खतरे पर केवल मौखिक चिंताएं व्यक्त कीं, जबकि ट्रंप प्रशासन ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए थे। इस बीच, स्टार्मर ने इजरायल की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि युद्धविराम लागू होने के बावजूद इजरायल द्वारा लेबनान पर हमले करना “गलत” था। वहीं, ईरान ने भी अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।

ब्रिटेन पर वैश्विक तनाव का सीधा प्रभाव

कुल मिलाकर, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का संदेश स्पष्ट है कि दुनिया भर में चल रहे विभिन्न संघर्ष और प्रमुख वैश्विक नेताओं द्वारा लिए गए बड़े राजनीतिक फैसलों का सीधा और गंभीर असर ब्रिटेन की आम जनता पर पड़ रहा है। इन वैश्विक घटनाओं के कारण ऊर्जा संकट गहरा रहा है, महंगाई बढ़ रही है, और परिवारों तथा व्यवसायों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। स्टार्मर ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटेन को इन बाहरी झटकों से बचाने और अपने नागरिकों के लिए स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक स्तर पर अधिक सामंजस्यपूर्ण और दूरदर्शी नीतियों की आवश्यकता है।

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