क्या है ‘Professor of Practice’?
‘Professor of Practice’ एक ऐसा पद है, जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो अपने क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं और उन्होंने व्यावहारिक ज्ञान हासिल किया है. ऐसे लोगों के पास जरूरी नहीं कि PhD या NET जैसी पारंपरिक डिग्रियां हों, लेकिन उनके अनुभव को ही उनकी सबसे बड़ी योग्यता माना जाता है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि असली दुनिया के अनुभव से भी जोड़ा जाए. इससे पढ़ाई का स्तर और उपयोगिता दोनों बेहतर होते हैं.
कौन बन सकता है ऐसा प्रोफेसर?
इस पद के लिए सबसे जरूरी चीज है अनुभव. अगर किसी के पास अपने क्षेत्र में करीब 15 साल का अनुभव है, तो वह इसके लिए योग्य हो सकता है. चाहे आप कला, मीडिया, बिजनेस, साइंस या किसी भी फील्ड से हों, अगर आप अपने काम के एक्सपर्ट हैं तो आपके लिए यह मौका खुला है.
क्यों शुरू की गई यह पहल?
अक्सर देखा जाता है कि छात्र किताबों से पढ़ाई तो कर लेते हैं, लेकिन असली काम करने में उन्हें दिक्कत आती है इसी गैप को खत्म करने के लिए यह पहल शुरू की गई है. इसका मकसद है कि छात्रों को इंडस्ट्री से जुड़ी असली जानकारी मिले और वे नौकरी के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें.
छात्रों को क्या फायदा मिलेगा?
सब्से बड़ा फायदा यह है कि छात्रों को सीधे एक्सपर्ट्स से सीखने का मौका मिलेगा. उन्हें वही चीजें सिखाई जाएंगी जो नौकरी में काम आती है. साथ ही इंटर्नशिप और जॉब के मौके भी बढ़ जाएंगे. इसके अलावा नए आइडिया और स्टार्टअप की सोच भी मजबूत होगी.
